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Monday, January 30, 2023

पिता के हत्यारों को IAS बन कर दिलाया सजा: IAS किंजल सिंह

जिंदगी बहुत छोटी है और इस जिंदगी में हमें ऐसा बहुत कुछ करना है जो हमें ऊंचाई की ओर ले जाए। कई लोग सोचते हैं कि अगर उनकी जिंदगी में हालात कुछ बेहतर होते तो वो खुद को बहुत ही आगे लेकर जाते, लेकिन ऐसे उदाहरण भी हैं जो लोग हालात से लड़कर आगे पहुंचे हैं और अपने लिए एक नया आसमान बनाते हैं। कहते हैं कि अगर एक महिला कुछ ठान ले तो वो करके ही रहती है। उसे अपनी पहचान बनाने के लिए किसी की जरूरत नहीं होती। आज हम आपको एक ऐसे ही महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने पिता के मुजरिमों को सजा दिलाने के लिए IAS अफसर बन गई।

6 महीने के उम्र में पिता को खोया।

किंजल सिंह एक ऐसी महिला अफसर हैं जिन्होंने 6 महीने की उम्र में अपने पिता को खो दिया। बड़े होने पर, उनके हत्यारों को सजा दिलनावे के लिए अपनी मां के साथ कानून के चक्कर काटे और आज IAS अफसर बन गई। किंजल सिंह का जन्म 5 जनवरी 1982 को यूपी के बलिया में हुआ था। इनके पिता के पी सिंह यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी थे।

पिता थे तेज तर्रार अफसर।

किंजल सिंह के पिता के पी सिंह बेहद कड़क और तेजतर्रार पुलिस अफसर थे। उनका नाम सुनते ही बड़े से बड़े अपराधियों की हालत खराब हो जाया करती थी। किंजल जब केवल 6 महीने की थी, तब उनके पिता की हत्या कर दी गई थी। इस एक घटना ने किंजल सिंह की पूरी जिंदगी ही बदल दी। बात 12 मार्च 1982 की है, जब उनके पिता के पी सिंह गोंडा जिले में तैनात थें। उन्हें एक गांव में कुछ अपराधियों के छिपे होने की सूचना मिली। के पी सिंह ने पुलिस बल के साथ गांव में घेराबंदी की। दोनों ओर से गोलियां चलीं। किंजल के पिता डीएसपी के पी सिंह भी गोलेबारी में घायल हुए। बताया जाता है कि उनके अधीनस्थों की अपराधियों के साथ मिली भगत थी। इसी का फायदा उठाते हुए उनके साथ रहे पुलिसकर्मियों ने उन्हें गोली मार दी। अस्पताल ले जाने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

पति के लिए न्याय मांगती रही किंजल की माँ।

बाद में आरोप लगा कि डीएसपी के पी सिंह की हत्या अपराधियों की गोली से नहीं बल्कि उन्ही के मातहतों द्वारा की गई है। इस मामले को CBI को ट्रांसफर किया गया। पिता की मौत के समय किंजल की मां विभा सिंह गर्भवती थी। अपने पति के हत्यारों को उनके किए की सजा दिलाने की ठान ली थी। वह अपनी बेटी किंजल और प्रांजल को गोद में लेकर बलिया से CBI कोर्ट दिल्ली का सफर तय करती थीं।

मां ने साल 2004 में तोड़ा दम।

किंजल ने जब देखा कि उनकी मां की तबियत तेजी से बिगड़ती जा रही है तब उन्होंने मां से एक वादा किया, उन्होंने कहा कि उनकी दोनों बेटियां प्रशासनिक अफसर बन कर उनका सपना पूरा करेंगी।बीमारी से लड़ते हुए साल 2004 में उन्होंने दम तोड़ दिया।

साल 2013 में IAS अफसर बन दिलाया पिता को इंसाफ।

किंजल सिंह ने साल 2008 में दूसरे प्रयास में UPSC IAS अफसर के रुप में चयनित हुई।उनकी छोटी बहन प्रांजल भी IRS के लिए चयनित हुई। दोनों बहने अपने पिता के हत्यारो को सजा दिलाना चाहती थीं। किंजल सिंह ने मजबूती से CBI कोर्ट में पिता की हत्या का मुकदमा लड़ा और उसमे उनकी जीत हुई। 5 जून साल 2013 को लखनऊ CBI की विशेष कोर्ट ने डीएसपी के पी सिंह की हत्या में 18 पुलिसकर्मियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। उस समय किंजल सिंह बहराइच की डीएम थीं।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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