28.1 C
New Delhi
Wednesday, May 31, 2023

एक किलोमीटर कूदकर स्कूल जाती है बिहार की यह बेटी- शिक्षक बनने का है सपना

कई लोगों की प्रेरणा भरी कहानी सुन कर खुद कुछ कर दिखाने का जुनून चढ़ जाता है। आज हम आपको बिहार के जमुई की रहने वाली सीमा (Sima) के बारे में बताएंगे। सीमा वर्तमान में सोशल मीडिया पर छाई हुई है। महज 10 वर्ष के उम्र में ही सीमा लाखों लोगों की प्रेरणा बन गई है। आइए जानते हैं सीमा के बारे में।

सीमा के पिता मजदूर

सीमा (Sima) बिहार के जमुई में खैर प्रखंड के नक्सल प्रभावित इलाके की फतेपुर (Fatepur) गांव की रहने वाली है। सीमा के पिताजी का नाम खिरन मांझी (Khiran Manjhi) है। सीमा के पिताजी बिहार से बाहर रहकर मजदूरी का काम करते हैं जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण चलता है। सीमा की मां का नाम बेबी देवी (Bebi Devi) है, वह एक गृहणी है। सीमा अपने 6 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं।

Internet

हादसे में पैर गवाया

सीमा की उम्र महज 10 वर्ष है लेकिन वह इतनी छोटी सी उम्र में लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है। सीमा ने 2 वर्ष पहले एक हादसे के दौरान अपना एक पैर गवा दिया था। सड़क दुर्घटना (Road Accident) के कारण सीमा का एक पैर काटना पड़ा था। दुर्घटना के बाद सीमा जब बाकी बच्चों को स्कूल (School) जाते देखती थी तब उसका भी मन होता था की वह भी स्कूल जाए। सीमा ने स्कूल जाकर अपने शिक्षक को बताया कि वह स्कूल आना चाहती है तब टीचर ने उसका एडमिशन (Admission) स्कूल में कर दिया।

Internet

देखें वीडियो

यह भी पढ़ें: बिहार के वायरल बॉय सोनू ने ठुकराया सोनू सूद का ऑफर, अब भी है सीएम नीतीश पर भरोसा

हमेशा हौसला बुलंद रहा

एक पैर गवाने के बाद भी सीमा का हौसला कम नहीं हुआ। सीमा अपने गांव के लड़कियों के शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक मिसाल कायम की है। वह अपने एक पैर से ही चलकर 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अपने स्कूल में पढ़ने जाती है। वह लोगों को शिक्षित करना चाहती है। उसे एक पैर से ही पगडंडियों वाले रास्ते पर चलकर 1 किलोमीटर स्कूल की दूरी तय करना पड़ता है।

Internet

शिक्षक बनना चाहती है सीमा

सीमा बताती है कि वह पढ़-लिख कर एक शिक्षक (Teacher) बनना चाहती है। वह आस पड़ोस के लोगों को शिक्षित करना चाहती है। सीमा अपने दुर्घटना के बारे में बताती है की एक पैर न होने से भी उसे कोई गम नहीं है। वह एक पैर से ही अपना सारा काम कर लेती है। उसके क्लास टीचर शिव कुमार भगत (Shiv Kumar Bhagat) भी बताते हैं कि सीमा पढ़-लिख कर एक शिक्षक बनना चाहती है। वह पढ़ने में भी काफी अच्छी है।

Internet

आत्मविश्वास की नहीं है कमी

सीमा के बारे में लोगों का कहना है कि दिव्यांग होने के बावजूद भी सीमा के अंदर आत्मविश्वास कूट-कूट के भरा हुआ है। उसके हौसले काफी मजबूत है और वह अपने सपनों को पाकर ही रहेगी। वह जीवन में बहुत आगे जाएगी। सीमा ने आज यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हो तो जीवन में आने वाली किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

Shubham Jha
Shubham Jha
शुभम झा (Shubham Jha)एक पत्रकार (Journalist) हैं। भारत में पत्रकारिता के क्षेत्र में बदलाव लाने की ख्वाहिश रखते हैं। वह चाहते हैं कि पत्रकारिता स्वच्छ और निष्पक्ष रूप से किया जाए। शुभम ने पटना विश्वविद्यालय (Patna University) से पढ़ाई की है। वह अपने लेखनी के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करते हैं।

Related Articles

Stay Connected

95,301FansLike
- Advertisement -