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Sunday, January 29, 2023

मधुमखियों के विलुप्त होने से मानव जाति पर भी उत्पन्न हुआ खतरा: पढ़िए पूरी रिपोर्ट

मधुमक्खी कीटों की श्रेणी का प्राणी है। मधुमक्खी एक ऐसा कीट होता है जो शहद पैदा करता है जो मानव द्वारा खाया जाता है। विश्वभर में मधुमक्खी की बहुत सारी प्रजातियां पायी जाती हैं। इन सभी प्रजातियों में से चार प्रकार की मधुमक्खीयां ही मधु पैदा करने में सक्षम होती हैं।

मधुमक्खी और मानव जाती का परिचय।

मधुमक्खी और मानव जाती का परिचय प्राचीन कल से ही माना जाता है। मधुमक्खी पालन मनुष्य के लिए प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लाभ दायक है। इसमें हमें रोजगार के साथ मोम तथा उत्तम खाद्य पदार्थ शहद प्राप्त होता है। शहद (मधु) का प्रयोग सभी त्योहारों, पूजाकर्मों एवं मनुष्य के जन्म से मृत्यु तक आवश्यक बताया गया है। इसके आलावा इससे पेड़-पौधे के परागण से फसल की पैदावार में वृद्धि होती है।

धीरे-धीरे मधुमक्खी भी विलुप्त के कगार पर है।

जी हां वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार मधुमक्खियां उन प्रजातियों की सूची में शामिल हो जायेंगी जो निकट भविष्य में विलुप्त होने के कगार पर हैं।

मानव जाती के लिए खतरा।

ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि 75% खाद्य फसलें जो हमारे द्वारा उपभोग किए गए बीज और फलों का उत्पादन करती हैं, मधुमक्खियों के कारण परागण द्वारा कम से कम आंशिक रूप से प्रभावित होती है। इसलिए परागण की क्रिया में इनका महत्वपूर्ण योगदान है।अतः सरकार को किसानों की मदद से मधुमक्खी पालन में विशेष ध्यान देना होगा क्योंकि इस धरती पर मनुष्य के जीवन को सुचारू रुप से चलने के लिए हर चीज में सामंजस्य बैठाने के लिए इन चीजों का होना बहुत ही आवश्यक है ।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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