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Wednesday, February 8, 2023

बी’मारी के कारण पैदा होते ही माँ-बाप ने छोड़ा, आज दूसरों के लिए बन चुके हैं मिसाल

दुनिया में बहुत से ऐसे भी बच्चे भी है, जो मानसिक या शारीरिक रूप से कमजोर पैदा होते हैं। कुछ बच्चे विकलांग ही जन्म लेते है लेकिन उनके माता-पिता उन्हे उतना ही प्यार देते है, जितना किसी आम बच्चे को देते। मगर इनमे से ही कुछ लोग ऐसे भी होते है जो अपने ऐसे बच्चे को छोड़ देते है। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको एक व्यक्ति के बारे में बताएंगे, जिनको उनके माता-पिता उनने जन्म लेते ही उन्हें छोड़ दिया। क्योंकि वह जे’नेटिक डि’सऑर्डर नामक बी’मारी के साथ पैदा हुए थे। फिर भी अपने जीवन में आगे बढ़े और इतिहास रच दिए।

Jono Lancaster एक जे’नेटिक डिस’ऑर्डर से पी’ड़ित है। उनका चेहरा अन्य व्यक्ति से अलग है। ऐसे बच्चों को सभी नहीं अपनाते है। उनके माता-पिता ने भी उन्हें अपनाने से मना कर दिया। और जन्म से 36 घंटे बाद ही एडॉप्शन के लिए दे दिए। Jone Lancaster की गांलो में हड्डियां नहीं है। अपने बदसूरत चेहरे के कारण लोग उनका मजाक बनाते थे। इस कारण उन्होंने अपने जिंदगी का लंबा समय तनाव में ही गुजारा। उन्होंने अपनी बी’मारी को ठीक करने के लिए कई स’र्जरी भी करवाये मगर कोई फायदा नहीं हुआ। बुरे हालात होते हुए भी Jono हिम्मत नहीं हारे। उन्होने अपने आत्मविश्वास को बढ़ाया।

उन्हें पहली बार रिफ्लेक्सबार में नौकरी मिली। जिससे उनका आत्मविश्वास थोड़ा बढ़ा। इसके बाद वह अपने शरीर पर ध्यान देना शुरू कर दिया। और खुद को फिटनेस के क्षेत्र में ले आये। शुरु-शुरू में उन्हे किसी से बात करने में घबराहट महसूस होती थी। क्योंकि वह थोड़े शर्मीले किस्म के थे। धीरे-धीरे हिम्मत जुटा कर अपनी जर्नी के बारे में लोगो को बताना शुरू किया। फिर कई देशो में जा कर वहां के स्कूलों में पढ़ रहे जे’नेटिक डिस’ऑर्डर से पी’ड़ित बच्चों का हिम्मत भी बढ़ाए।

जिस बच्चे को उनके माता-पिता ने उनके बी’मारी के कारण उन्हें पैदा करते ही छोड़ दिया। आज वही बच्चा महज 26 वर्ष की आयु में दुसरो के लिए मिसाल कायम कर रहें है। उन्हें अपने आप को संभालने में 22 साल लग गए। उन्हें अपने चेहरे से भी नफरत थी। धीरे-धीरे उन्होंने अपने आप को आर्थिक और शारिरिक रूप से मजबूत किया और कई टीवी शो में काम किया।

वह खुद का अपना एक फाउंडेशन भी शुरु किये है। यह संस्था जे’नेटिक डिस’ऑर्डर बच्चों के लिए फंड इकट्ठा करती है। वह हर माता-पिता से यही अनुरोध करते है, कि अपने किसी तरह के बी’मारी से पीड़ित बच्चों से मुंह न मोड़े। उन्हे अपना कर उनको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। भविष्य में वह भी दुनियां के लिए मिसाल बन सकते हैं।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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