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Monday, January 30, 2023

लोगों ने कहा- ‘बेटा, तुमसे न हो पायेगा’, सबकी बातें अनसुनी कर हिमांशु बनें IAS

हमारे देश मे बहुत ऐसे लोग हैं जो UPSC पास करके लोगो की सेवा करना चाहते हैं। यहाँ हर साल करीब 10 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देते हैं। UPSC परीक्षा देने वाले प्रतिभागी अलग-अलग बैकग्राउंड के होते हैं, उनके पास अलग अलग डिग्रीयां होती है और कुछ तो अपनी अच्छी-खासी नौकरी तक छोड़ कर UPSC के लिए जद्दोजहद करते हैं। UPSC परीक्षा के परिणाम में प्राथमिक शिक्षा का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है। कई लोग प्राथमिक शिक्षा में अच्छे अंक नहीं ला पाते हैं लेकिन यूपीएससी में टॉप कर जाते हैं। आज हम जिस शख्स के बारे में जानेंगे वो शुरुआती पढ़ाई में टॉपर नही थे फिर भी UPSC परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किए और IAS ऑफिसर बन गए।

IAS हिमांशु कौशिक

हिमांशु कौशिक दिल्ली के रहने वाले हैं। हिमांशु ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के ही एक स्कूल से किया है। उन्हें 10वीं में 80% अंक प्राप्त हुए। उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद 12वीं किया लेकिन उसमे उन्हें अच्छे अंक प्राप्त नही हुए। हिमांशु को B.tech में भी अच्छा अंक प्राप्त नहीं हुआ। B.tech में अच्छे अंक नहीं आने की वजह से उन्हे 2 विषयों में बैक लग गया। अगली बार हिमांशु ने B.tech में 65% अंक प्राप्त किया और अपनी B.tech की पढ़ाई पूरी की।

B.Tech के बाद लगी नौकरी

B.tech करने के बाद उनकी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी लग गई। 3 साल तक नौकरी करने के बाद हिमांशु को नौकरी में मन नहीं लगने लगा। उन्हे इस कंपनी में खुलकर काम करने का मौका नहीं मिल रहा था इसलिए वे इस कंपनी में काम नहीं करना चाह रहे थे। इसी बीच उन्होंने UPSC की तैयारी करने का मन बना लिया।

UPSC के नाम से लोग मजाक उड़ाते थे

हिमांशु टॉपर नहीं थे और वो 12वीं और B.tech में भी अच्छे अंक प्राप्त नहीं कर सके थे इसीलिए लोग उनका मज़ाक उड़ाने लगे। वो परीक्षा से जुड़े कोई भी सवाल जब किसी से पूछते तो लोग उनपे हँसा करते थे। लोग मज़ाक उड़ाते हुए कहते थे- ‘बेटा वो देश कि सबसे कठिन परीक्षा है, उसमे तुम पास नही कर सकते हो। तुम अपनी नौकरी छोड़ कर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हो।’ हिमांशु ने UPSC परीक्षा देने का निश्चय कर लिया था इसीलिए वह किसी की फिजूल बातों पर ध्यान नहीं देना चाहते थे।

कड़ी मेहनत को माना सफलता का मूल-मंत्र

उन्होंने सबसे पहले UPSC के पूरे सिलेबस को समझा और फिर उस सिलेबस के मुताबिक पढ़ाई करने लगे। हिमांशु दिन-रात एक करके मेहनत करने लगे। उन्होंने पहली बार 2017 में UPSC की परीक्षा दी और पहली बार मे ही उन्होंने UPSC क्रैक कर लिया। उन्हें ऑल इण्डिया में 77वां रैंक हासिल हुआ। उनके इस सलफता के कारण उनके बारे में बुरा-भला बोलने वाले सभी लोगो की बोलती बंद हो गई।

हिमांशु की बाकी बच्चों के लिए क्या है सलाह?

हिमांशु ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि जो बच्चे पढ़ाई में अच्छे नहीं होते हैं और सोचते हैं कि वो UPSC परीक्षा पास नही कर पाएंगे, उन्हें निराश नहीं होना चाहिए। अगर कमजोर बच्चे भी लगातार मेहनत करते रहें और खुद पर विश्वास रखें तो एक न एक दिन वो भी जरूर सफल हो जाएंगे।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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