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Monday, January 30, 2023

4 बार असफल होते हुए भी IAS बनने वाली ऋचा दे रही हैं सफ़लता के 5 मंत्र: ज़रूर पढ़ें

हम जो चाहे वो कर सकते हैं बस मजबूत इरादे और बुलंद हौसले की जरूरत होती है। हिंदी मीडियम वाले छात्रों को अन्य छात्रों के मुकाबले कम आंका जाता है लेकिन हिंदी मीडियम से होने के बावजूद भी कई लोग सफलता पा कर मिशाल कायम करते है। बिहार की ऋचा रत्नम हिंदी मीडियम से होने के बावजूद भी यूपीएससी पास करके आईएएस ऑफिसर बनी।

ऋचा बिहार के सिवान की रहने वाली है। ऋचा 10वीं तक हिंदी मीडियम से पढ़ने के बाद 11वीं और 12वीं अंग्रजी मीडियम से पढ़ी। 10वीं के बाद अचानक अंग्रेजी मीडियम में जाने से उन्हे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था। वे यूपीएससी की तैयारी करने के लिए अपने भाई के साथ नोएडा चली गई। ऋचा यूपीएससी की परीक्षा देने के लिए हिंदी मीडियम सेलेक्ट की थी। हिंदी मीडियम लेने से उन्हे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। हिंदी मीडियम वाले प्रतिभागी बताते है कि एक तो हिंदी में स्टडी मेटेरियल मिलता ही नहीं है और जो मिलता भी है वो अच्छा नही होता है। ऐसे कई कारण है जिसके वजह से इंग्लिश मीडियम वाले स्टूडेंट हिंदी मीडियम वालो से अच्छी तैयारी कर पाते हैं और अच्छे मार्क्स भी ले आते हैं।

ऋचा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। हिंदी मीडियम से होने की वजह से उनको बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऋचा को चार बार असफलता का सामना भी करना पड़ा लेकिन वह इन असफलताओं से हार नही मानी और पांचवे प्रयास में सफल हो गई। ऋचा पांचवे प्रयास में UPSC पास करके IAS के पद पर कार्यरत हैं। ऋचा ने एक इंटरव्यू में बताया की वह एक इंजीनियरिंग की छात्रा रह चुकी हैं। ऋचा ने पहले बीटेक की डिग्री हासिल की उसके बाद यूपीएससी का एग्जाम दिया। ऋचा यूपीएससी परीक्षा में 4 बार असफल रही है वो भी 5 गलतियों की वजह से। वे अन्य प्रतिभागियों को भी 5 गलतियों से सचेत करती है।

  1. प्रतिभागी पूरी तैयारी करके ही परीक्षा देने जाये तभी सफलता मिलेगी। सिर्फ अनुभव प्राप्त करने के लिए परीक्षा नही देनी चाहिए।
  2. ऋचा मॉक एग्जाम की तैयारी घर पर ही करती थी उसके बाद सीधे एग्जाम देने जाती थी जिससे उनका परफॉर्मेंस अच्छा नही हो पाता था इसीलिए ऋचा मॉक की तैयारी भी अच्छे से करने के लिए कहती है।
  3. लिमिटेड सामंग्री से ही पढ़े, ज्यादा सोर्स ना रखे। 1 सब्जेक्ट का 1 ही किताब रखे और उसी को बार बार पढ़े। ज्यादा किताब रखने से कन्फ्यूजन हो जाता है और तैयारी भी अच्छे से नही हो पाती है।
  4. गाइडेन्स प्रोग्राम जॉइन करना चाहिए जिससे बहुत ज्यादा मदद मिलती है।
  5. उत्तर और राइटिंग की भी बहुत ज्यादा तैयारी करनी चाहिए क्योंकि इससे मेन्स परीक्षा में अच्छे नंबर आ सकते है। उत्तर लिखने की प्रैक्टिस से लिखने का स्पीड भी बढ़ती है जिससे एग्जाम में उत्तर भी नही छूटता है और रिवीजन भी होता रहता है।

हमें आशा है कि इन पाँच टिप्स को ध्यान में रखके आप भी सफलता की नई ऊंचाइयां छू सकते हैं।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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