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Monday, January 30, 2023

महज 22 साल की उम्र मे ही UPSC पास कर, बिहार के लाल पहली बार मे ही बन गए IAS: Mukund Kumar

अक्सर बच्चे पढ़ते समय बड़े-बड़े सपने देखा करते है लेकिन उसे पूरा करना सबके बस की बात नहीं होती। यूपीएससी (UPSC) परीक्षा में लाखों युवा प्रयास करते हैं लेकिन कुछ ही युवाओं को इसमें सफलता मिलती। आज हम आपको आईएएस मुकुंद कुमार (IAS Mukund Kumar) के बारे में बताएंगे, उन्होंने अपनी मेहनत के बदौलत अपनी पहली प्रयास में ही यूपीएससी क्रैक कर आईएएस ऑफिसर बन गए। Success story of IAS Mukund Kumar

महज़ 22 वर्ष की आयु में मिली सफ़लता

आईएएस मुकुंद कुमार बिहार (Bihar) के मधुबनी (Madhubani) जिले के बाबूबरही प्रखंड के बरुआर के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में यूपीएससी (UPSC) परीक्षा दिया था, उसका परिणाम 2020 के अगस्त में घोषित हुआ, उन्हें 54वीं रैंक हासिल हुआ एवं वे आईएएस ऑफिसर वन गए।

आईएस मुकुंद कुमार के पिता मनोज ठाकुर (Manoj Thakur) सुधा डेयरी के बूथ चलाते थे एवं उनकी मां ममता देवी (Mamta Devi) कुशल गृहणी है। पिता की आमदनी कम होते हुए भी उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाई में किसी तरह कमी या दिक्कत महसूस नहीं होने दिया। एक साधारण परिवार से होते हुए भी उनके पिता अपने बेटे के जरूरतों को हमेशा पूरे करते थे।

बेटे ने नाम रौशन किया

मुकुंद के पिता डेयरी में काम करते थे इस कारण उनकी आमदनी ज्यादा नहीं थी इसीलिए मुकुंद अपनी पढ़ाई की शुरुआत गांव के ही एक स्कूल से किया। इसके बाद सैनिक स्कूल गुवाहाटी (Sainik school Guwahati) में उनका सिलेक्शन हुआ, इसके बाद सैनिक स्कूल असम (Sainik school Assam) से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई पूरा किया। 12वीं की पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में सिविल सेवा में जाने की इच्छा जगी, इसके लिए उन्होंने यूपीएससी (UPSC) की जानकारी लेना शुरू कर दिया।

ग्रेजुएशन के दौरान ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गए थे

12वीं में अच्छे परिणाम मिलने के बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए P.G DAV College से अंग्रेजी (English) विषय से ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त किया। कॉलेज के दौरान ही मुकुंद यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की तैयारी में जुट गए एवं वर्ष 2019 में यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हो गए। उस समय उनकी आयु 22 वर्ष की थी लेकिन अपने कठिन परिश्रम के बदौलत उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर लिया।

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कम उम्र में लोगों के लिए बने प्रेरणा

मुकुंद कम उम्र में यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं और युवाओं को यह जानकारी देना चाहते हैं कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी से पहले सिलेबस की पूरी जानकारी रखना अति आवश्यक होता है, कुछ लोग कई बार के प्रयास में भी यूपीएससी परीक्षा में सफल नहीं हो पाते इसका सबसे बड़ा कारण सिलेबस की पूरी जानकारी न होना ही है। सबसे जरूरी बात यह है कि कैंडिडेट अपने आप पर भरोसा रखें और कठिन से कठिन मेहनत करें, उसे सफलता अवश्य मिलेगी।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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