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Tuesday, November 30, 2021

पढ़ाई में खराब परफॉर्मेंस होने के कारण घर वालों ने छोड़ दी थी आस, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत से बन गए IAS अफसर

कोई भी विद्यार्थी अपने पढ़ाई के दौरान अच्छा परफॉर्मेंस नहीं कर पाता है तो पूरे समाज एवं घरवालों के ताने चुप-चाप सिर झुका कर सुनना पड़ता है। आज हम आपको आईएएस ऑफिसर हिमांशु कौशिक (IAS officer Himanshu Kaushik) के बारे में बातएगें। आइये जाने हिमांशु कौशिक की संघर्ष की कहानी।

आईएएस हिमांशु (Himanshu Kaushik) कौशिक का परिचय

आईएएस ऑफिसर हिमांशु (Himanshu Kaushik) कौशिक दिल्ली (Delhi) के रहने वाले हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री गाजियाबाद के प्राइवेट कॉलेज से हासिल किया है। हिमांशु वर्ष 2013 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर तकरीबन 3 वर्षों तक नौकरी किया लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस ऑफिसर बनना था। नौकरी करने के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी करना संभव नहीं था इसीलिए वह अपनी नौकरी छोड़ कर सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गए।

यूपीएससी निकाल रचा इतिहास

हिमांशु कौशिक (Himanshu Kaushik) ने अपनी पहली प्रयास में ही वर्ष 2017 में सिविल सर्विस परीक्षा में पास हो कर इतिहास रच दिया। इससे पहले हिमांशु इंजीनियरिंग के 2 पेपर में बैक लगने पर इंजीनियरिंग क्वालिफाई नही कर पाए थे। घर वाले का कहना था कि हिमांशु यूपीएससी नहीं निकाल पाएंगे। लोगों को हिमांशु की काबिलियत पर शक था लेकिन उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जी-जान लगाकर शुरू किया था।

पहले प्रयास में पूरा किया लक्ष्य

हिमांशु अपने पहले प्रयास में ही अपने लक्ष्य को पूरा किया। किसी काम को करने के लिए सकारात्मक विचार का होना आवश्यक है। दुनिया में अपने मेहनत एवं लगन के बदौलत कुछ भी हासिल किया जा सकता है। सबको लगता था कि हिमांशु के लिए यूपीएससी निकालना बहुत ही कठिन था लेकिन उन्होंने लोगो की सोच बदल डाली। खुद पर विश्वास रखने के साथ-साथ प्रयास करने से दुनियां में कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: 10 साल तक दिल्ली पुलिस में रहे कॉन्स्टेबल, कड़ी मेहनत कर पास किया सिविल सर्विसेज और बन गए ACP

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

हिमांशु उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं जिनके घर के लोग उनसे भविष्य में सफलता की आशा छोड़ चुके हैं। ऐसे विद्यार्थी को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने करना चाहिए। पढ़ाई में अच्छे परफॉर्मेंस नहीं होने के कारण घर वाले भी बच्चे के अच्छे भविष्य की अभिलाषा छोड़ देते हैं लेकिन इस प्रकार के व्यवहार के कारण बच्चों का टूट जाता है। इसीलिए बच्चे पढ़ाई के दौरान कैसा भी परफॉर्मेंस रहे सदा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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