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Wednesday, February 8, 2023

5 साल के अंदर 9 सरकारी नौकरी निकालने के बाद अब आईएएस बनने का है जुनून सवार

आज के दौर में सरकारी नौकरी हासिल करना कठिन तो है पर नामुमकिन बिल्कुल भी नही है। अगर सच्चे लगन से परिश्रम किया जाए तो सफलता कदम चूमती है। आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताएंगे जिन्होंने पांच सालों में 9-9 सरकारी नौकरियां हासिल किया है।अब उनका सपना आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करना है।

प्रमिला नेहरा का परिचय।

प्रमिला मूल रूप से सीकर जिले के एक छोटे से गांव सिहोट की रहने वाली है। उनके माता- पिता का नाम रामकुमार नेहरा व मनकोरी देवी हैं। प्रमिला के पिता किसान व माँ हाउस वाइफ है। भाई महेश नेहरा पुलिस में सिपाही हैं। एक किसान की बेटी होते हुए प्रमिला ने महज 26 की उम्र में एक नहीं बल्कि 9 बार सरकारी नौकरी हासिल कर चुकी है। इतना ही नहीं वो पांच साल में 7 बार तो इन नौकरियों को छोड़ चुकी है। अब वो 2021 में आठवीं बार जॉब छोड़ने जा रही है।

विभिन्न परीक्षाओं में मिली सफलता

प्रमिला अब तक 9 बार सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा दे चुकी है। व्याख्याता भर्ती परीक्षा से लेकर पटवारी, ग्रामसेवक, महिला पर्यवेक्षक, पुलिस कांस्टेबल, एलडीसी की परीक्षा पास कर चुकी है। लेकिन उन्होंने सभी को छोड़ दिया, फिलहाल वह नागौर जिले के एक सरकारी स्कूल में बतौर सीनियर टीचर के रुप में बच्चों को पढ़ाती हैं।

पति है दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल ।

प्रमिला की शादी सीकर जिले के गांव बोदलासी के राजेंद्र प्रसाद रणवा के साथ हुई है। राजेंद्र फिलहाल दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल है। प्रमिला नेहरा ने ये सभी परीक्षाएं शादी के बाद कड़ी मेहनत करके पास की हैं। ससुराल में रहते हुए घर के कामों के साथ पढ़ाई करना उनके लिए बहुत कठिन हो जाता था। पर उनके ससुराल वालों और उनके पति ने उनका पूरा सपोर्ट किया। प्रमिला ने राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित व्याख्याता भर्ती में प्रथम श्रेणी शिक्षक परीक्षा में पास करते हुए पूरे राज्य में नौवी रैंक हासिल की है।

आईएएस बनने का है सपना।

प्रमिला को पहली सरकारी नौकरी साल 2015 थर्ड ग्रेड टीचर के रूप में मिली थी। जिसे वो कुछ समय के लिए ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने पटवारी, ग्राम सेवक, एलडीसी व महिला सुपरवाइजर की परीक्षा पास कर ली। उन्होंने ये सारी नौकरी किसी को दो महीने किसी को तीन महीने तक ही किया। फिर वह पिछले साल 2020 में राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित व्याख्याता भर्ती में प्रथम श्रेणी शिक्षक परीक्षा में पास की। तभी से लेकर आज तक यह नौकरी प्रमिला कर रही है। लेकिन वह जल्द इस नौकरी को भी छोड़ने वाली है। क्योंकि उनका लक्ष्य आरएएस व यूपीएससी परीक्षा पास करना है।

प्रमिला से हमें यह शिक्षा मिलती है की अगर आपके अंदर किसी भी चीज को पाने की योग्यता और मेहनत करने का जज्बा है तो आप कोई भी परीक्षा पास कर सकते हैं।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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