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Monday, January 30, 2023

बाल्टी में रसगुल्ला बेचते-बेचते खड़ी कर दी करोड़ो की कम्पनी: Bikanerwala

किसी भी कार्य को मेहनत और लगन से किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। आज हम आपको केदारनाथ अग्रवाल (Kedarnath Agrawal) के बारे में बताएंगे, जिन्होंने अपने लगन एवं मेहनत के बदौलत सफलता हासिल की है।

विदेशों में भी पसंद किए जाते है इनके ब्रांड

आप बीकानेर (Bikaner) नाम से परिचित अवश्य होंगे। बीकानेर का प्रोडक्ट बेहद स्वादिष्ट और चटपटा होता है। बीकानेर वाला तीखा भुजिया हो या नमकीन और मीठे में रसगुल्ले का तो जबाव नहीं है। अपने अच्छे और स्वादिष्ट प्रोडक्ट की वजह से सिर्फ अपने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी उनके ब्रांड्स को लोगों ने काफी पसंद किया है।

भाई के साथ बेचते थे बाल्टी में रसगुल्ला

केदारनाथ अग्रवाल (Kedarnath Agarwal) 1955 में काम की तलाश में अपने भाई युगल किशोर अग्रवाल (Jugal Kishor Agrawal) के साथ दिल्ली (Delhi) गए। वहाँ उनलोगों को धर्मशाला में ही ठहरना पड़ा। उसके बाद दोनों भाइयों ने बाल्टी में रसगुल्ला और कागज की पुड़िया में नमकीन और भुजिया बेचने का काम शुरू किया। लोगों को उनके रसगुल्ले और नमकीन काफी पसंद आने लगे। इस छोटे से बिजनेस से उनकी आमदनी में मुनाफा होने लगा।

भाड़े के दुकान से शुरू किया काम

जल्द ही उन्होंने कुछ पैसे जमा कर पराठे वाली गली में एक दुकान भाड़े पर ले लिया। धीरे-धीरे लोगों को उनके प्रोडक्ट्स पसंद आने लगा। उनकी दुकान पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी और लोगों की डिमांड भी बढ़ने लगी। लोगों की बढ़ती डिमांड को देखते हुए उन्होंने बीकानेर से कारीगर बुलाकर नमकीन, रसगुल्ले और देसी घी में मूंग के दाल का हलवा भी बनवाया, जिसका स्वाद लोगों को बेहद पसंद आया। उनकी दुकान की आमदनी दिन-प्रतिदिन बढ़ती चली गई। इसके बाद उन्होंने चांदनी चौक और मोती बाजार में भी अपना दुकान खोल लिया।

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पूरी दुनिया में है मशहूर

दिल्ली के लोग केदारनाथ अग्रवाल को “काका जी” के नाम से जानने लगे। उनके दुकान के सारे प्रोडक्ट BBB यानी “बीकानेरी भुजिया भंडार” के नाम से बेचे जाते थे, यही उनका ट्रेडमार्क था लेकिन कुछ दिनों के बाद काका जी (Kaka ji) के बड़े भाई जुगल किशोर अग्रवाल ने अपने दुकान का नाम “बीकानेरवाला” रखा। इस नाम के रखने के पीछे कारण यह था कि इस ब्रांड से बीकानेर वालों का नाम मशहूर हो और तभी से बीकानेर वाला ही ट्रेडमार्क चल रहा है। और आज इस कंपनी का सालाना टर्नओवर तकरीबन 2000 करोड़ रुपए सालाना है। आज के दौर में बीकानेरवाला सिर्फ अपने देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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