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Monday, January 30, 2023

लोगों ने खूब खींचे पैर, फिर भी UPSC में हासिल की तीसरी रैंक, बनें IAS अफसर

सभी के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब सभी चीजें आपके विरोध में हो रहीं होती हैं।

हर तरफ से निराशा मिल रही हो लेकिन सही मायने में विफलता सफलता से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। हमारे इतिहास में जितने भी सफल व्यक्ति हुए हैं वो जीवन में सफल बनने से पहले लगातार कई बार असफल हुए हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही इंसान के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपने यूपीएससी के चार प्रयासों में असफल होने के बाद भी हार नही मानी। अपने मेहनत के बदौलत इन्होंने यूपीएससी पास करके सर्वोच्च रैंक हासिल किया। आइये जानते हैं उनके बारे में।

आईएएस जुनैद अहमद का परिचय

आईएएस जुनैद अहमद एक ऐसे इंसान है जो अपने लगातार असफलताओं से तनिक भी नही घबराए। वह उत्तरप्रदेश के बिजनौर के नगीना कस्बे के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम जावेद हुसैन है और माता का नाम आयशा रजा है। उनके पिता जावेद हुसैन पेशे से वकील हैं और मां आयशा रजा एक हाउस मेकर हैं। शुरू से ही वह पढ़ाई में औसत छात्र थे। कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद जुनैद के मन में IAS अधिकारी बनने का सपना जागा।

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जुनैद की प्रारंभिक शिक्षा

जुनैद को दसवीं और 12वीं की परीक्षा में लगभग 60 फीसदी अंक आए थे। जुनैद ने 12वीं के बाद शारदा यूनिवर्सिटी नोएडा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और वहां भी उनके 65 फीसदी तक ही अंक आए। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्होंने खुद को पढ़ाई में झोक दिया और उनके घर वालो का भी उन्हें पूरा सपोर्ट मिला। शुरुआत में जुनैद को तैयारी करने में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

काफी मेहनत की जुनैद ने

जुनैद रोजाना शुभ पांच बजे से उठकर अपने पढ़ाई के तैयारी में लग जाते थे। वह दोपहर के 11-12 बजे तक पढ़ते थे। वह हर रोज कम से कम 9-10 घंटे पढ़ाई करते थे। इसके बाद खुद को रिफ्रेस करने के लिए जुनैद खेल और जिम का भी सहारा लेते थे और कभी कबार जुनैद फ़िल्म भी देखने भी जाते थे। यूपीएससी की तैयारी के लिए जुनैद ने जामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग ज्वाइन कर ली। जहां यूपीएससी एस्पायरेंट्स को फ्री में कोचिंग की सुविधा दी जाती है।

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तीन बार असफल हुए पर हार नही मानी

जुनैद को तीन बार यूपीएससी में असफलता मिली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। कुछ लोग तो उन्हें यह भी कहने लगे थे कि तुमसे नही हो पाएगा। यह परीक्षा तुम जैसे कमजोड़ छात्रों के लिए नही है पर जुनैद चौथे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 352 के साथ यूपीएससी की परीक्षा पास की। और अपने आलोचकों का मुँह सदा के लिए बंद कर दिया। इस रैंक के आधार पर उन्हें आईआरएस सेवा मिली। हालांकि उन्होंने इसके बाद भी प्रयास जारी रखा और 2019 में तीसरे रैंक के साथ आईएएस अफसर बनने का सपना पूरा कर लिया।

जिस तरह लोगों के आलोचना के बाद भी जुनैद घबराए नही उसी तरह हमें भी आलोचना से घबराना नही चाहिए। कर्तव्य पथ पर चलते रहने से सफलता जरूर मिलती है।

Sunidhi Kashyap
Sunidhi Kashyap
सुनिधि वर्तमान में St Xavier's College से बीसीए कर रहीं हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सुनिधि अपने खूबसूरत कलम से दुनिया में बदलाव लाने की हसरत भी रखती हैं।

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