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Monday, January 30, 2023

टूट गई झोपड़ी, छोड़ गई पत्नी, आज रिक्शा को ही घर बनाकर बच्चों को पढ़ाने को मजबूर हैं गणेश

हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है। वह फुटपाथ पर ही अपना सारा जीवन व्यतीत कर देते हैं। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही एक तस्वीर में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। आइए जानें पूरी खबर…..

हमारे देश के बहुत से परिवारों की यही स्थिति है। 38 वर्षीय गणेश के दो बच्चे है, 9 वर्ष की बेटी गंगा एवं 7 वर्ष का बेटा अरुण। गणेश अपने परिवार का पेट भरने के लिए रिक्शा चलाने का काम करते हैं। उनकी पत्नी अपने दोनों बच्चों को उनके सहारे ही छोड़ चली गई है। अतिक्रमण में उनका घर भी टूट चुका है एवं मजबूरीवश उन्हें रिक्शे को ही अपना घर बनाना पड़ा है।

गणेश लाखों मजबूरी के बावजूद अपने बच्चे को पढ़ाना चाहते हैं। उन्हें शिक्षित बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह खुद ही सड़क के किनारे चादर बिछा कर अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। गरीबी की मार उन पर इतनी है कि अगर एक भी दिन वह रिक्शा नहीं चलाये तो उनके बच्चे को एक वक्त का खाना भी नसीब न हो।

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माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी उठाते हुए गणेश रोज रिक्शा भी चलाते हैं ताकि उनके बच्चों को भूखा ना सोना पड़े। वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देना चाहते है जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो। सरकार को ऐसे लोगों की मदद करनी चाहिए। न जाने देश में गणेश जैसे और भी कितने लोग हैं जिन पर गरीबी टूट पड़ी है।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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