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Monday, January 30, 2023

कुली नंबर 36 के नाम से फेमस यह महिला मर्दों के बीच अकेले ड्यूटी करती हैं। जानिए कैसे की शुरुआत।

जब भी जरूरत आती है महिलाएं विपरीत परिस्थितियों का सामना भी पूरे डट कर करती हैं। जीवन के किसी भी मोड़ पर कोई भी परिस्थिति हो, महिलाएं अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटती हैं।

आमतौर पर जब भी हम कुली की बात करते हैं तो कुली के रूप में मर्दों का चेहरा ही हमारे सामने आता है। लेकिन आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जो कुली के रूप में काम करके एक अनोखी मिसाल कायम कर रही है। तो आइए जानते हैं इस कर्मठ महिला के बारे में

संध्या मरावी है नाम

मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली संध्या मरावी 31 वर्षीय एक कर्मठ महिला हैं। उनके सर पर उनके तीन बच्चे एवं एक बुजुर्ग सास की जिम्मेदारी है। इतनी जिम्मेदारियों के बावजूद या फिर यूं कहें इन्हीं सारी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए संध्या मध्य प्रदेश के कटनी स्टेशन पर दिन रात कुली का काम करती हैं। आज भी जब संध्या यात्रियों का भारी-भरकम सामान उठाए इस प्लेटफार्म प्लेटफार्म पर चलती है तो देखने वालों की भीड़ लग जाती है। सब आश्चर्य व्यक्त करते हैं की एक महिला कुली का काम कैसे कर सकती है!

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Image credit: internet

बच्चों को बनाना चाहती है अफसर

संध्या ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में बताया कि भले ही उनके सपने चकनाचूर हो गए हो लेकिन उनके हौसले अभी भी बुलंद है। भले ही नियति ने इनका हमसफर छीन लिया लेकिन अब इनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य इनके बच्चों की तरक्की है। वह चाहती हैं किन के बच्चे पढ़ लिख कर खोज में बड़े अफसर बने और देश की सुरक्षा करें। को पूरा करने के लिए संध्या ने किसी के सामने हाथ फैलाने के बजाय मेहनत की रोटी खाने का रास्ता चुना। कुली नंबर 36 के रूप में कुली का काम करते हुए सम्मान के साथ अपना जीवन निर्वाह करती हैं।

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Image credit: internet

इत्तेफाक से बन गई कुली

संध्या बताती हैं कि पति के स्वर्गवासी होने के बाद जब घर की सारी जिम्मेदारी उन पर आ गई तो वह नौकरी की तलाश में निकली। कहीं नौकरी मिल नहीं रही थी। हालात बद से बदतर हो रहे थे। ऐसे में किसी ने संध्या को बताया कि कटनी स्टेशन पर कुली की जगह खाली है। जैसे ही संध्या को यह पता चला संध्या ने कुली के लिए अर्जी दाखिल कर दी। बहुत जल्द संध्या को कुली बनने की अनुमति मिल गई। उन्हें बिल्ला नंबर 36 दिया गया। और इसके साथ ही संध्या के कुली जीवन के सफर का आगाज हो गया।

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इस पोस्ट के माध्यम से हम संध्या के द्वारा किए गए कड़ी मेहनत की प्रशंसा करते हैं तथा आपसे विनम्र निवेदन करते हैं कि अधिक से अधिक इस पोस्ट को शेयर करें जिससे कि संध्या की कुछ मदद हो सके।

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