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Monday, January 30, 2023

मिट्टी का AC: न बिजली बिल की चिंता, न खर्चे का बोझ, इस मिट्टी के AC के आगे सारे एसी फेल

आजकल बढ़ती गर्मी के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। कई लोग गर्मी से बचने के लिए अपने घरों में AC लगाते हैं। इससे उन्हें भीषण गर्मी में राहत तो मिलती है लेकिन हमारे पर्यावरण पर इन मॉडर्न AC का बहुत बुरा प्रभाव पड़ता हैं।

इसी समस्या का हल ढूंढा है हमारे पर्यावरण प्रेमी इंजीनियर्स ने। आप जानते ही हैं कि पर्यावरण प्रेमी के लिए मिट्टी से बढ़ कर कुछ नहीं होता है। इसलिए उन्होंने मिट्टी के AC निर्माण किया है। आपको मिट्टी का AC सुनकर अजीब लग रहा होगा लेकिन हम आपको बता दें कि प्रकृति प्रेमी लोगों के लिए एवं पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए मिट्टी का यह AC बनाया गया है। आइए जानें मिट्टी के इस AC के बारे में..

प्राकृतिक ठंढ का स्रोत है मिट्टी

बहुत से लोग सोच रहे होंगे कि शहर में तो सबके घरों में AC लगा रहता है, तो ऐसे में उन ACs के सामने मिट्टी की AC की क्या औकात होगी? लेकिन हम आपको बता दें कि मिट्टी प्राकृतिक ठंढी का एक स्रोत है, इसी वजह से मिट्टी का घर बिना पंखा, कूलर (Cooler) और एसी के भी ठंडा रहता है। वातावरण को ठंढा रखने में मिट्टी बड़ी भूमिका निभाता है। मिट्टी के इसी गुण के मदद से इस मिट्टी के AC को बनाना संभव हुआ है।

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“टेराकोटा कूलर” नाम के इस मिट्टी के AC को Architect Monish Siripurapu ने बनाया है

इस मिट्टी के AC का नाम “टेराकोटा कूलर” (Terracotta Cooler) रखा गया है क्योंकि इसे बनाने में “टेराकोटा” मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है। यहां आपको बता दें कि दिल्ली के आर्किटेक्ट मोनीष सिरिपुरापू (Architect Monish Siripurapu) ने वर्ष 2015 में पहली बार इस मिट्टी के एसी का निर्माण किया था। वह कई वर्षों से इस मिट्टी के AC पर काम करते आ रहे थे। एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए Architect Monish Siripurapu ने बताया कि उनके मन में इस मिट्टी के एसी को बनाने का ख्याल तब आया जब उन्होंने दिल्ली के एक फैक्ट्री में भारी गर्मी से परेशान मजदूरों को काम करते देखा।

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आखिर कैसे काम करता है मिट्टी का AC

आज भी हमारे देश में प्राकृतिक रूप से पानी को घड़े में ही ठंढा किया जाता है। मिट्टी के इसी गुण का उपयोग किया गया है इस AC को बनाने में। मोनीष और उनकी टीम ने सोचा कि जब मिट्टी का बना घड़ा पानी को ठंडा कर सकता है तो हवा को क्यों नहीं कर सकता? इसी बात को ध्यान रखते हुए वो अपनी टीम के साथ AC बनाने के काम में लग गए।

इस मिट्टी की AC में सबसे पहले Terracotta Tube यानि कि मिट्टी के पाइप को पानी से भिंगोया जाता है। वैसे यदि आप के पास सुविधा हो तो आप मोटर से भी इस पर पानी डाल सकते हैं। धीरे-धीरे यही पानी ट्यूब के नीचे बने हुए टैंक में जमा होता है और फिर वही पानी घूमकर वापस ट्यूब पर डाला जाता है। यह प्रक्रिया लगातार चलती है जिससे कि वातावरण ठंढा होता है।

वीडियो देखकर समझिए

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टेम्परेचर को 6 से 7 डिग्री कम कर देता है यह AC

शहरों में लोगों के घरों में जो AC लगा होता है वह कमरे को तो ठंडा करता है लेकिन कमरे के बाहर के वातावरण को गर्म कर देता है। यही नहीं इनसे निकलने वाली गैसों के कारण भी वातावरण को बहुत नुकसान पहुंचता है। लेकिन मिट्टी का बना हुआ यह AC ऐसा नहीं है। इससे वातावरण को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है। और यह कमरे के तापमान को 5 से 6 डिग्री तक कम करता है।

आगे बड़े पैमाने पर इसकी उत्पादन की योजना बना रहे हैं मोनीष

मोनीष का कहना है कि भविष्य में इस AC का उत्पादन अधिक से अधिक किया जाएगा जिससे कि बड़ी बड़ी फैक्टरियों में भी इसका प्रयोग किया जा सके।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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