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Wednesday, February 8, 2023

प्राइवेट और सरकारी, दोनों नौकरी वालों के लिए आ रहे हैं नए नियम, बड़े तोहफे की है उम्मीद

मोदी सरकार 1 अक्टूबर से देश में लेबर कोड के नियमों को लागू करने की तैयारी में है। इस कानून के लागू होते ही कर्मचारियों के टेक होम सैलरी और PF स्ट्रक्चर में बदलाव हो जाएगा। आइये जानते है क्या है लेबर कोड नियम और इससे लोगों को क्या-क्या फायदे होने वाले हैं।

लेबर कोड अधिनियम क्या है

केंद्र सरकार के द्वारा लेबर कोड नियम को जल्द ही लागू किया जाएगा। यह श्रम कानून, कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच स्पष्ट व्यापारिक संबंधों को स्थापित करने पर जोर देगा। इन सभी श्रम कानूनों का मुख्य उद्येश्य, श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है ताकि इन्हें उचित मजदूरी, काम के तय घंटे, जॉब सिक्यूरिटी और बोनस जैसे अन्य लाभ मिलें।

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वेतन में होगी बढ़ोत्तरी

इस कानून को लागू होते ही कर्मचारियों के टेक होम सैलरी और PF स्ट्रक्चर में बदलाव हो जाएगा। बदलाव से कर्मचारियों की टेक होम सैलरी घट जाएगी, जबकि भविष्य निधि यानी PF में ज्यादा पैसा जमा होने लगेगा। कर्मचारियों की यह मांग है कि जिसकी बेसिक सैलरी 15000 रुपये है उसे बढ़ाकर 21000 रुपये सरकार करे। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी होगी।

1 अप्रैल से ही लागू करने की थी योजना

केंद्र सरकार के द्वारा योजना थी कि इस नियम को 1 अप्रैल से ही लागू किया जाए। वही कुछ राज्य इस नियम को लागू करने की तैयारी में नही थी। इसलिए इसे रोक दिया गया था। इन चार संहिताओं के तहत केंद्र और राज्यों दोनों को इन नियमों को अधिसूचित करना होगा, तभी संबंधित राज्यों में ये कानून अस्तित्व में आएंगे। अब इस नियम को 1 अक्टूबर से लागू करने की योजना है।

नए नियम के तहत यह है प्रावधान

नए नियमों में 30 मिनट की गिनती कर 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त काम को ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। मौजूदा समय में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम के योग्य नहीं माना जाता है। वहीं कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधे घंटे का आराम दिए जाने का भी प्रावधान है। इसके तहत कर्मचारियों को सप्ताह में चार दिन ही काम करना होगा जबकि तीन दिन छुट्टी रहेगी। हालांकि इसके लिए कर्मचारियों के 8 घंटे के बदले 12 काम करने होंगे।

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सरकारी के साथ निजी क्षेत्र को भी लाभ

नए श्रम संहिता के नियमों को लागू होने पर सरकारी के साथ-साथ निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन, ग्रेच्युटी और पीएफ में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नए नियम के मुताबिक मूल वेतन कुल वेतन का 50 फीसदी या उससे अधिक होना चाहिए। इससे कर्मचारियों के वेतन के ढांचे में बड़ा बदलाव आएगा। बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ और ग्रेच्युटी के मद में कटने वाली रकम में बढ़ोतरी हो जाएगी। टैक होम यानी खाते में आने वाली सैलरी कम हो जाएगी, लेकिन रिटायरमेंट पर मिलने वाला पीएफ और ग्रेच्युटी का पैसा बढ़ जाएगा।

अब देखने वाली बात होगी कि इस नए नियम से कर्मचारी कितने प्रभावित होते हैं।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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