17.1 C
New Delhi
Wednesday, February 8, 2023

रिश्तेदारी की मिठास: देवरानी-जेठानी ने साथ में की पढ़ाई, दोनों ने ही पास कर लिया UP-PSC

किसी भी व्यक्ति का परिवार उसका छोटा संसार होता है। हम अपने जीवन में जो कुछ भी प्राप्त कर पाते हैं, वह परिवार के सहयोग और समर्थन स्वरूप ही प्राप्त कर पाते हैं।

हमारे पालन-पोषण को हमारा परिवार अपनी पहली प्राथमिकता समझता है और जब तक हम सक्षम नहीं हो जाते हमारी सभी जरूरतों की पूर्ति निःस्वार्थ भाव से करता है। आज हम आपको एक ऐसे परिवार के बारे में बताएंगे जिस परिवार की देवरानी-जेठानी ने एक ही साथ UPPSC की परीक्षा पास कर सफलता हासिल की हैं। आइये जानते है इन दोनों के बारे में।

देवरानी-जेठानी की अनोखी जोड़ी

यह अनोखी जोड़ी उत्तरप्रदेश के बलिया जिले की है। जहाँ एक ही परिवार की देवरानी-जेठानी ने UPPSC की परीक्षा पास करके मिसाल बनाया है। इन दोनों में जेठानी का नाम शालिनी श्रीवास्तव है और देवरानी का नाम नमिता शरण है। शालिनी का चयन प्रिंसिपल के पद पर हुआ है तो वही नमिता का चयन पुलिस उपाधीक्षक के रूप में हुआ है। इनदोनों के परिवार में अत्यंत खुशी का माहौल है।

समाज में दोनों की तारीफ

इस देवरानी-जेठानी के अनोखे जोड़े की तारीफ हर तरफ हो रही है। परिवार की इनदोनों बहुओं का चयन होने के बाद इनके घर के लोग भी काफी खुश हैं। ये दोनों बलिया के सिकन्दरपुर के बनहरा में रहने वाले ओमप्रकाश सिन्हा की बहू हैं। ओमप्रकाश सिन्हा भी अपनी दोनों बहु के कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहे हैं। डॉ. ओमप्रकाश सिन्हा का हेल्थ डिपार्टमेंट में चिकित्सक की पोस्ट से रिटायर हुए हैं।

यह भी पढ़ें: 34 बच्चों की माँ हैं ये नेकदिल अभिनेत्री, 5 साल पहले चुपके से कर ली थी शादी

दोनों बेटे अच्छे ओहदे पर

डॉ. ओमप्रकाश सिन्हा के दोनों बेटे अच्छे पद पर हैं। उनके बड़े बेटे डॉ. सौरभ कुमार उदयपुर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर है। शालिनी और सौरभ का विवाह वर्ष 2011 में हुआ था। तब शालिनी एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हुआ करती थीं। शादी के बाद भी शालिनी ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी और फिर मेहनत करके कामयाबी प्राप्त की। अभी वह रामनगर GGIC में अध्यापिका हैं। अब PCS 2018 के नतीजों की घोषणा होने के बाद शालिनी का चयन प्रिंसिपल के पद पर हो गया है।

शिशिर भी कामयाब

डॉ. सिन्हा के दूसरे बेटे शिशिर गोरखपुर में बैंक में PO के पद पर कार्यरत हैं। शिशिर और नमिता का विवाह साल 2014 में हुआ था। नमिता भी गोरखपुर बैंक में PO की पोस्ट पर ही काम करती थीं। फिर उनका सिलेक्शन पुलिस उपाधीक्षक की पोस्ट पर हो गया। अपनी दोनों होनहार बहुओं की कामयाबी पर डॉ. सिन्हा बहुत प्रसन्न हैं। वह बताते हैं कि उनका तीसरा बेटा भी दिल्ली में रहकर कंपटीशन एग्जाम की तैयारी में लगा हुआ है। एक पिता के लिए इससे ज्यादा क्या चाहिए की उनके दोनों बेटों के साथ दोनों बहुएं भी अब सफल हो चुकी हैं।

माता-पिता हमेशा चाहते हैं कि उनका संतान सफलता की बुलंदियों पर पहुँचे। आज डॉक्टर ओमप्रकाश सिन्हा को अपने बेटे और बहू पर गर्व है।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

Related Articles

Stay Connected

95,301FansLike
- Advertisement -