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Wednesday, May 31, 2023

पिता के साथ गाय के तबेले में करती थी काम, दृढ़ इच्छाशक्ति से बन गईं जज

आज महिलाओं द्वारा उच्च से उच्च शिक्षा ग्रहण कर पुरुषों के बराबर अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया जा रहा है। चिकित्सा, इन्जीनियरिंग, कम्प्यूटर, प्रौद्योगिकी तथा उच्च प्रशासनिक एवं पुलिस सेवाओं में उनका पुरुषों के समान ही सम्मानजनक स्थान है।पुलिस सेवा में किरण बेदी जैसी अनेक महिलाएँ अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवा चुकी हैं। आज केन्द्रीय राजधानी दिल्ली और अन्य राज्यों की राजधानियों के उच्चपदस्थ स्थानों पर भी महिलाओं ने अपनी योग्यता स्थापित की है।

यूरोप और अमेरिका ही नहीं आज इजरायल, मिस्र और छोटे-छोटे अरब देशों एवं अफ्रीका के छोटे देशों की अनेक महिलाओं ने वायुयान संचालन, सेना, पुलिस और परिवहन के क्षेत्रों में भी कार्य करके पुरुषों की बराबरी का साहस दिखाया है। आज हम आपको एक ऐसी ही महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जो गांव में पली-पढीं, गाय के तबेले से लेकर घर के सभी कार्य को करते हुए बनीं जज।

कौन है सोनल शर्मा।

सोनल राजस्थान के उदयपुर जिला के प्रताप नगर की रहने वाली हैं। इनका जन्म 7 दिसम्बर 1993 को हुआ था। इनके पिता का नाम ख्यालीलाल शर्मा तथा मां का नाम जसबीर है। सोनल के पिता डेयरी चलाते हैं। डेयरी के काम में वह अपने पिता की मदद करती थीं।

गोशाला में रहकर की पढ़ाई।

सोनल आज अपनी सफलता का कारण अपने पिता को ही मानती हैं। सोनल का बचपन बाकी बच्चों की तरह खेल कूद में नहीं बीता बल्कि उन्होंने बचपन से ही पिता के साथ तबेले में काम करना शुरू कर दिया और यह काम करते हुए ही आज राजस्थान न्यायिक सेवा की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की ।

पढ़ाई में भी थी अव्वल।

सोनल अपने पिता के साथ तबेले में कंधे से कंधा मिलाकर काम करती थीं। गाय का गोबर उठाने से लेकर दूध निकालने तक और तबेले की साफ सफाई करने तक, सोनल सारा काम अपने पिता के साथ कर लेती थीं। लेकिन वह इसे अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाना चाहती थी और कुछ अलग करके माता पिता का नाम रोशन करना चाहती थी। पिता की मदद के साथ-साथ वह पढ़ाई में भी हमेशा आगे रही और हमेशा पहले नंबर पर आती थी।

असफलता से घबराई नही।

पहली बार जब वो मात्र तीन अंकों से असफल हुई तो वह निराश नहीं हुई।अपनी असफलता को ढाल बनाया और फिर से तैयारी में जुट गई, लेकिन वर्ष 2018 में हुई आरजेएस की परीक्षा में वह एक नम्बर से अपनी मंजिल तक पहुंचने से दूर रह गई।

अंततः सफल हुई।

अंत में सोनल ने एलएलबी और एलएलएम की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की। एक साल की ट्रेनिंग करने के बाद उनकी तैनाती बतौर फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट राजस्थान के सेशंस कोर्ट में होने जा रही हैं। इस सफलता के लिए हम सोनल को बधाई देते हैं।

Medha Pragati
Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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