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Wednesday, February 8, 2023

आज पढ़िए आखिर IAS अफसर एवं IPS अफसर में कौन ज़्यादा ताक़तवर होता है।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) हर साल सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करता है। यह देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है। यूपीएससी सिविल सेवा का सपना देश के करोड़ों युवा देखते हैं। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में शामिल भी होते हैं। इस परीक्षा के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को भारत सरकार की प्रशासनिक व अन्य सेवाओं में नियुक्तियां दी जाती हैं। परीक्षा के बाद IAS, IPS बनने का सपना हर परीक्षार्थी का होता है। यह दोनों पद एक विशेष अधिकार का होता है। आइये जानते है इन दोनों पदों में किसकी शक्ति अधिक होती है।

IAS पद क्या होती है ?

आईएएस की सामाजिक प्रतिष्ठा को देखते हुए ही देश के लाखों युवाओं के बीच इसके प्रति ज़बरदस्त आकर्षण है। हर साल देश भर से लाखों युवा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन उनमें से कुछ-सौ या हज़ार युवा ही इसमें सफल होते हैं। हर साल इस परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों में से लगभग 100 को ही ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ में जाने का अवसर मिलता है। ज़ाहिर है कि एक तरफ जहाँ इसके प्रति अत्यधिक क्रेज़ है, तो वहीं इसमें सफलता पाने के लिये कठिन मेहनत भी करनी पड़ती है। आईएएस बनने के लिये सिर्फ सिविल सेवा परीक्षा पास करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि इसके लिये ऊँची रैंक प्राप्त करना भी आवश्यक है। दरअसल, इस सेवा में कार्य करने और आगे बढ़ने के इतने अवसर होते हैं कि हर कोई इसके प्रति आकर्षित होता है।

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IPS पद क्या होती है ?

IPS सेवा अपने आप में केवल एक पद है जो कि राज्य पुलिस और सभी भारतीय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मचारियों को बल प्रदान करता है। लेकिन बड़े पद के साथ ही बड़ी जिम्मेदारिया भी आती हैं। हर जिले में एक IPS अधिकारी ही अधिकारियों के पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस उपायुक्त (DSP) का प्रमुख होता है। इसके अलावा, क्षेत्र के पुलिस तंत्र में किसी भी प्रकार की खराबी को सुलझाना भी एक IPS आधिकारी के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का हिस्सा होता है।

एक IAS और IPS के पद में अंतर

DM के रूप में एक IAS अधिकारी की ड्यूटी जिले के सभी विभाग में होती है। एक आईएएस का कार्य क्षेत्र land records, revenue, Law n Order, agriculture इत्यादि जिले के सभी विभाग में होते हैं। जबकि एक IPS, SSP रहते हुए सिर्फ अपने पुलिस विभाग तथा यातायात विभाग में ही कार्य कर सकता है।

IAS, एक डीएम के रूप में काफी ज्यादा शक्तिशाली होता है। एक IPS के पास केवल अपने विभाग की जिम्मेदारी होती है। परन्तु एक IAS (डीएम) के पास जिले के सभी विभागों की जिम्मेदारी होती है। डीएम के रूप में एक IAS अधिकारी, पुलिस विभाग के साथ साथ अन्य विभागों का भी मुखिया होता है।

IPS का वेतन 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,25,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। यह रैंक के आधार पर अलग अलग होता है। एक IAS का वेतन 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,50,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। यह भी पद के आधार पर अलग अलग होता है। IAS का वेतन IPS से ज्यादा होती है। इसके अलावा दोनों अफसरों को सरकारी आवास, गाड़ी आदि की सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं। वहीं बिजली-पानी मेडिकल आदि के खर्च के भुगतान में छूट मिलती है।

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यूनिफार्म IAS तथा IPS को अलग करती है। IAS ऑफिसर्स के लिए कोई ख़ास यूनिफार्म नहीं होती है, बस उन्हें सरकारी आयोजनों में सामान्य कपडे पहनने होते हैं। परन्तु IPS को उनकी निर्धारित यूनिफार्म ही पहननी होती है। IPS की यूनिफार्म उन्हें हर रैंक के साथ कंधे पर सितारे, तलवार तथा अशोक की लाठ लगानी होती है। आम जनता कपड़ों से IAS को नहीं बल्कि IPS को पहचान लेती है।

एक IAS के लिए भारत में सबसे ऊंचा पद केंद्रीय सचिव की होती है।यह भारत का सर्वोच्च पद है जिस पर सिर्फ एक IAS officer ही तैनात किया जा सकता है। स्टेट में भी सबसे ऊंचा पद चीफ सेक्रेटरी की होती है जो एक आईएस अधिकारी होता है। यहाँ तक की Home Secretary के पद पर भी एक IAS officer को ही तैनात किया जाता है। जबकि IPS अपने राज्य का डायरेक्टर जेनरल ऑफ़ पुलिस बन सकता है। केंद्र सरकार में एक IPS officer, CBI , IB तथा RAW का Director बन सकता है। इसके साथ साथ National Security सलाहकार के पद पर भी IPS की तैनाती की जा सकती है।

एक आईएएस अधिकारी को एक आईपीएस अधिकारी कभी सलामी नही देता है। इसके पीछे कारण है कि एक आईपीएस अधिकारी हमेशा टोपी पहनता है जिसमें देश के प्रतीक चिन्ह लगे होते है। जबकि आईएएस अधिकारी सामान्य परिधान में होते है।

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एक आईएएस अधिकारी का काम होता है कि वह सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों को लागू करवाएं जबकि एक आईपीएस अधिकारी का काम होता है कि वह अपने इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखे।

एक आईएएस अधिकारी के साथ दो अंगरक्षक होते है, जबकि एक आईपीएस अधिकारी के साथ पुलिस के कई जवान होते है। एक आईएएस उम्मीदवार जब ट्रेनिंग में टॉप करता है तो उसे मैडल दिया जाता है। जबकि एक आईपीएस अधिकारी ट्रेनिंग में टॉप करता है तो उसे Sword of Honour दिया जाता है ।

इस तरह इन तमाम चीजों को देखते हुए हम कह सकते है कि दोनों के पद अपने-अपने जगह पर शक्तिशाली और जिम्मेदारी से परिपूर्ण हैं। पर कुछ जगहों पर एक आईएएस अधिकारी एक आईपीएस अधिकारी से ज्यादा शक्तिशाली है।

Sunidhi Kashyap
Sunidhi Kashyap
सुनिधि वर्तमान में St Xavier's College से बीसीए कर रहीं हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सुनिधि अपने खूबसूरत कलम से दुनिया में बदलाव लाने की हसरत भी रखती हैं।

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