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Wednesday, December 1, 2021

इस गांव के 10 हजार से अधिक लोग सैनिक है, कई ले चुके हैं विश्वयुद्ध में भी हिस्सा

देश प्रेम की भावना हिंदुस्तान के प्रत्येक नागरिकों में कूट-कूट कर भरा हुआ है। हर कोई अपने देश के लिए शहीद होने का इक्छा रखता है। सबसे ज्यादा भारतीय सेना के जवान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के काया गांव के है। काया एक ऐसा गांव है जहां प्रत्येक घर में एक न एक फौजी जरूर है। इस गांव के व्यक्ति सर पर कफन बांध कर देश की रक्षा के लिए बॉर्डर पर तैनात रहते हैं।

अधिक आबादी वाला है यह गांव

एशिया महादेश के बड़े-बड़े गांव की सूची में से एक गांव यह भी है। यह गांव उत्तर प्रदेश एवं बिहार की सीमा पर स्थित है। गाजीपुर शहर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति इस गांव का क्षेत्रफल 8 वर्ग मील है। इस गांव में लोगो की संख्या लगभग 1 लाख है।

शहरों से कम नहीं है यह गांव

भले ही यह गांव, गांव के लिस्ट में दर्ज है लेकिन इसकी खूबसूरती शहरों से कम नहीं है। यहां कई शहीदों की मूर्तियां एवं जगह-जगह पर स्मारक भी बने हुए हैं। यहां नौजवानों में देश के प्रति भावना का संचार करने हेतु अशोक स्तंभ पर हजारों सैनिकों की प्रेरणायें हैं।

गांव का हर एक व्यक्ति देश की रक्षा करना चाहता है

यहां के लोगों के मन में देश के लिए काफी आस्था है। देश पर किसी भी प्रकार की आपदा आने पर महिलाएं अपने पुरुषों को जाने से मना नहीं करती है बल्कि उन्हें देश पर आए हुए आपदा से लड़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इस गांव के प्रत्येक घर के लोग सेना में ही हैं। हर छोटा बच्चा भी बड़ा होकर सेना ही बनना चाहता है।

गांव के 10,000 से भी अधिक लोग सेना में हैं

सबसे ज्यादा सैनिकों की संख्या इसी गांव में है तकरीबन 10 हज़ार से भी अधिक लोग सेना में भर्ती होकर अलग-अलग जगह एवं पदों पर कार्यरत हैं। 5 हज़ार से भी अधिक रिटायर भूतपूर्व सैनिक भी हैं। इस गांव के हर नौजवान के मन में सेना बनने का जज्बा है। हर कोई सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करने का ख्वाहिश रखता है।

रेलवे स्टेशन पर छायी रहती है रौनकता

जब छुट्टियों में फौजी अपने गांव आते हैं, तब रेलवे स्टेशन पर छावनी जैसा माहौल बन जाता है। हजारों की संख्या में फौजी एक जगह इकट्ठा हो जाते हैं और एक दूसरे से मिलते हैं। स्टेशन की रौनकता सैनिकों को देखते ही बनती है। सैनिक गांव आने पर अपने बच्चों को देश प्रेम से जुड़ी बातें बताते हैं।

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हमेशा से कर चुके हैं अपनी शक्ति का प्रदर्शन

देश की आजादी में भी इस गांव के सपूतों ने दुश्मनों को अपना पराक्रम दिखा चुके हैं। अंग्रेजों से भी लड़ कर ताकत का प्रदर्शन कर चुके हैं। इस गांव के लोग प्रथम विश्व युद्ध एवं द्वितीय विश्व युद्ध में भी अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर चुके हैं। अपनी मातृभूमि की रक्षा हेतु सैनिकों ने अपने प्राण भी निछावर किए हैं।

देश की रक्षा करने का है जोश

यहां के युवक ही नहीं बल्कि युवती भी देश की रक्षा करने के लिए सेना में भर्ती होने के लिए उत्सुक रहती है। इस गांव की मिट्टी के कण-कण में से देशभक्ति की खुशबू आती है। प्रत्येक के दिलों में देशभक्ति का जोश कूट-कूट कर भरा है। ऐसा गांव एवं वहां के वासियों को शत-शत नमन है।

Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।

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